बाढ़, सूखा एवं भूस्खलन के लिए आपदा जोखिम मानचित्रण
आपदा जोखिम मानचित्रण वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, मूल्यांकन एवं स्थानिक दृश्यांकन किया जाता है। भारत में बाढ़, सूखा एवं भूस्खलन सबसे अधिक बार घटित होने वाली प्राकृतिक आपदाएँ हैं, जो प्रतिवर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा की चरम स्थितियाँ एवं भूमि-उपयोग की अव्यवस्थित नीतियाँ इन जोखिमों को और बढ़ा रही हैं। ऐसे में वैज्ञानिक मानचित्रण भारत की आपदा तैयारी एवं शमन नीतियों का केंद्रीय आधार बन गया है।
आपदा जोखिम मानचित्रण क्या है?
- यह आपदा की संभावना, जोखिम-ग्रस्तता और संवेदनशीलता को मिलाकर स्थानिक जोखिम ....
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