भारत में बाढ़ प्रबंधन: प्रौद्योगिकी एवं ज़मीनी वास्तविकता के मध्य अंतर
भारत में बाढ़ प्राकृतिक आपदाओं में सबसे अधिक बार आने वाली और अत्यधिक विनाशकारी मानी जाती है। भारी वर्षा, ग्लेशियरों के पिघलने, चक्रवातों और नदियों के अतिप्रवाह के साथ-साथ मानव-निर्मित कारण जैसे शहरी अतिक्रमण, अवैज्ञानिक शहरीकरण और खराब जल निकासी व्यवस्था, बाढ़ की गंभीरता को और बढ़ा देते हैं। तकनीकी रूप से भारत ने बाढ़ पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियों में सुधार किया है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि हर साल हज़ारों लोग जान गँवा रहे हैं और अरबों की संपत्ति नष्ट हो रही है।
बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा: एक नजर
- 10 जून, 2025 को गृह मंत्री ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 औद्योगिक पार्क: निवेश, रोज़गार और टिकाऊ वृद्धि के इंजन
- 2 भारत के नागरिक विमानन क्षेत्र के समक्ष चुनौतियां एवं अवसर
- 3 भारत का पूर्णतः स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ध्रुव 64: तकनीकी आत्मनिर्भरता का नया अध्याय
- 4 भारत में आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ: उभरता पारिस्थितिक संकट
- 5 श्वसन-प्रवेशी सूक्ष्म-प्लास्टिक एवं वायु प्रदूषण: उभरता स्वास्थ्य संकट
- 6 जैव-विविधता क्षरण और जलवायु परिवर्तन: प्रतिक्रिया चक्र की पड़ताल
- 7 जैव-उपचार: भारत की ठोस अपशिष्ट चुनौती का समाधान
- 8 भारत–ओमान CEPA: खाड़ी क्षेत्र में रणनीतिक पुनर्संयोजन
- 9 भारत का कॉरपोरेट बॉन्ड बाज़ार: संरचनात्मक बाधाएं एवं सुधार की दिशा
- 10 भारत में अग्नि-जनित आपदाएं: प्रणालीगत विफलताओं से सीख एवं सुधार की दिशा
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका: संभावनाओं के नये आयाम
- 2 भारत का खिलौना उद्योग: आयात निर्भरता से नीति-प्रेरित क्षमता विस्तार तक
- 3 भारत में चिकित्सा पर्यटन: अवसर, चुनौतियाँ और संभावनाएं
- 4 बायोचार: अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन अवशोषण का एक स्थायी विकल्प
- 5 भारत पर 50% अमेरिकी टैरिफ़ : भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव
- 6 भारत में चुनावी पारदर्शिता
- 7 भारत-जापान: रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में गहन सहयोग
- 8 न्यायिक प्रणाली में एआई: दक्षता का साधन या निर्णय प्रक्रिया के लिए चुनौती?
- 9 साइबर अपराध के बढ़ते खतरे: प्रभाव, सुरक्षा उपाय एवं रोकथाम रणनीतियां

