जबरन नार्को टेस्ट परीक्षण असंवैधानिक : सुप्रीम कोर्ट

  • 12 Dec 2025

12 दिसंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अमलेह कुमार बनाम बिहार राज्य (2025) मामले में पटना हाईकोर्ट के नार्को टेस्ट की अनुमति वाले आदेश को रद्द किया।

मुख्य तथ्य

  • नार्को टेस्ट: आरोपी को सोडियम पेंटोथल जैसे बर्बिट्यूरेट देकर कम कर गुप्त तथ्य उजागर करने की प्रक्रिया; पॉलीग्राफ एवं ब्रेन मैपिंग जैसी गैर-हिंसक विधि।
  • संवैधानिक समस्या: अनुच्छेद 20(3)—आत्म-अपराधसूचना से संरक्षण; बिना स्वतंत्र सहमति के परीक्षण असंवैधानिक एवं अमान्य।
  • सेलवी दिशानिर्देश (2010): पटना HC आदेश का उल्लंघन; सहमति सूचित, मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज एवं चिकित्सकीय/कानूनी सुरक्षा आवश्यक।
  • अनुच्छेद 20: खंड (1)—पूर्व-कार्य विधान (ex-post facto laws); खंड (2)—दोहरी खतरा (double jeopardy); खंड (3)—आत्म-अपराधसूचना।
  • अनुच्छेद 21: व्यक्तिगत स्वतंत्रता एवं गोपनीयता का उल्लंघन; मनका गांधी मामले (1978) में अनुच्छेद 14, 19, 21 का 'गोल्डन त्रिकोण'।
  • नार्को टेस्ट एवं साक्ष्य मूल्य: नार्को टेस्ट परिणाम अपराध सिद्ध नहीं करते; अन्य साक्ष्यों से पुष्टि आवश्यक (मनोज कुमार सैनी बनाम MP राज्य 2023; विनोभाई बनाम केरल राज्य 2025)। BNSS की धारा 253 के तहत बचाव पक्ष में स्वेच्छा से परीक्षण संभव, किंतु कोई निरपेक्ष अधिकार नहीं।