नदी तल पुनर्भरण अध्ययन के बिना रेत खनन की अनुमति नहीं
22 अगस्त, 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यदि किसी नदी की वार्षिक प्राकृतिक पुनर्भरण (Replenishment) क्षमता का आकलन करने वाला अध्ययन उपलब्ध न हो, तो रेत खनन परियोजनाओं को पर्यावरण स्वीकृति (Environment Clearance) नहीं दी जा सकती।
- नदी-तल में रेत खनन से होने वाली पर्यावरणीय क्षति रोकने से जुड़े इस महत्वपूर्ण निर्णय में, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक यह आकलन करने के लिए उचित वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया जाता कि कितनी तेजी से रेत का प्राकृतिक रूप से पुनर्भरण होता है, तब तक खनन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
- वाद: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर एवं अन्य ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लिव-इन संबंध अवैध नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
- 2 दिल्ली रिज प्रबंधन बोर्ड का पुनर्गठन
- 3 जनगणना 2027 कराने की योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी
- 4 राष्ट्रीय लोक अदालत ने किया 2.59 करोड़ से अधिक मामलों का निपटान
- 5 राज्य बार काउंसिलों में 30% महिला आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
- 6 संविधान का संथाली भाषा में अनुवाद जारी
- 7 डिजिटल अरेस्ट मामलों की सीबीआई जांच के निर्देश
- 8 भारतीय थल सेना के रूपांतरण हेतु रोडमैप
- 9 अवैध घुसपैठियों के कोई वैधानिक अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
- 10 बाल तस्करी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- 1 प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने का अधिकार
- 2 आवारा कुत्तों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का संशोधित निर्णय
- 3 दलबदल कानून पर अध्यक्ष की शक्तियों की समीक्षा करे संसद
- 4 17वें उपराष्ट्रपति चुनाव, 2025
- 5 मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का विस्तार
- 6 व्यावसायिक उद्देश्य से की गई टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं
- 7 संयुक्त सैन्य अभियानों के सुचारु संचालन हेतु संयुक्त सिद्धांत
- 8 जन्म एवं मृत्यु का सार्वभौमिक पंजीकरण जरूरी: आरजीआई
- 9 ट्रांसजेंडरों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम
- 10 जनगणना के तहत PVTGs की पृथक गणना की मांग
- 11 उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश
- 12 सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित सड़कों तक पहुंच एक मौलिक अधिकार
- 13 SC ने शैक्षणिक भवनों के लिए हरित मंजूरी से छूट रद्द की
- 14 युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन
- 15 निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की सिफ़ारिश
- 16 नोएडा को महानगर निगम में परिवर्तित करने का सुझाव
- 17 BSF कर्मियों की पहली कैडर समीक्षा
- 18 अनुच्छेद 311 के तहत J&K के दो सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी
- 19 मरीज पंजीकरण के साथ ABHA आईडी दर्ज करने के निर्देश
- 20 राज्य पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति के लिए एकल खिड़की प्रणाली
- 21 'प्रोजेक्ट आरोहण' का शुभारंभ

