सरकारी प्रोत्साहनों के कारण म्यूनिसिपल बॉन्ड में वृद्धि: ICRA रिपोर्ट
निवेश सूचना एवं क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ‘ICRA लिमिटेड’ द्वारा मार्च 2025 में म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार पर जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार ने हाल के वर्षों में, विशेष रूप से वित्त वर्ष 2018 के बाद से, महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, जिसका मुख्य कारण भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए राजकोषीय प्रोत्साहन हैं।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष
- सरकारी प्रोत्साहनों के कारण अब तक 2,600 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाई जा चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 1998-2005 के दौरान यह मात्र 1,000 करोड़ रुपये थी।
- आगामी वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,500 करोड़ से अधिक म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 आर्टन कैपिटल के पासपोर्ट इंडेक्स, 2025
- 2 एशिया पावर इंडेक्स 2025
- 3 व्यापार और विकास रिपोर्ट 2025
- 4 WADA की टेस्टिंग फ़िगर्स रिपोर्ट, 2024
- 5 वैश्विक मूल्य शृंखला विकास रिपोर्ट, 2025
- 6 वर्ल्ड अर्बनाइजेशन प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट
- 7 UHC ग्लोबल मॉनिटरिंग रिपोर्ट, 2025
- 8 विश्व असमानता रिपोर्ट, 2026
- 9 वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट, 2025
- 10 भारत में उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर रिपोर्ट
रिपोर्ट एवं सूचकांक
- 1 भारत की वित्तीय विकास गाथा में महिलाओं की भूमिका
- 2 इंडिया फिलैंथ्रोपी रिपोर्ट 2025
- 3 भारत 2047 तक उच्च आय अर्थव्यवस्था बनने की राह पर: विश्व बैंक
- 4 भारत में धन प्रेषण की बदलती प्रवृत्तियां: आरबीआई बुलेटिन
- 5 विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2025
- 6 संयुक्त राष्ट्र विश्व जल विकास रिपोर्ट 2025
- 7 यूएनडीपी की ‘ट्रांसफॉर्मिंग फॉरेस्ट फाइनेंस’ रिपोर्ट
- 8 विश्व मौसम विज्ञान संगठन की जलवायु स्थिति 2024 रिपोर्ट
- 9 ऋण की दुनिया रिपोर्ट 2024: अंकटाड
- 10 बीजिंग+30: महिला अधिकारों की प्रगति और भविष्य की दिशा
- 11 भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक: सिपरी

