रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: निर्भरता से क्षमता-संपन्नता तक भारत की प्रगति
रक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन 1.54 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है।
- भारत 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता को त्यागकर वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
- यह यात्रा ‘निर्भरता से क्षमता-संपन्नता’ की ओर भारत की रणनीतिक प्रगति को दर्शाती है।
निर्भरता के जोखिम
- रणनीतिक भेद्यता: महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों की आपूर्ति के लिए विदेशी शक्तियों पर निर्भरता ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को सीमित कर दिया ....
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