चरम जलवायु घटनाएं : प्रभावशीलता एवं उपशमन पहलें
22 अप्रैल, 2022 को 'इन्वेस्ट इन अवर प्लेनेट’ (Invest in Our Planet) की थीम के साथ दुनिया भर में पृथ्वी दिवस मनाया गया। ध्यान रहे कि हरित गृह प्रभाव तथा जलवायु परिवर्तन के कारण चरम जलवायु घटनाओं में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है|
- इनके शमन एवं अनुकूलन गतिविधियों के लिए अत्यधिक पूंजी निवेश की आवश्यकता है|
- चरम मौसमी या जलवायु घटनाओं में अप्रत्याशित (unexpected), असामान्य (unusual), गंभीर (severe) या असामयिक मौसम (unseasonal weather) की घटनाएं घटित होती है|
- जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (IPCC) द्वारा जारी छठी आकलन रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन तथा चरम जलवायु घटनाओं पर वृहद रूप से प्रकाश डाला गया ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 औद्योगिक पार्क: निवेश, रोज़गार और टिकाऊ वृद्धि के इंजन
- 2 भारत के नागरिक विमानन क्षेत्र के समक्ष चुनौतियां एवं अवसर
- 3 भारत का पूर्णतः स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ध्रुव 64: तकनीकी आत्मनिर्भरता का नया अध्याय
- 4 भारत में आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ: उभरता पारिस्थितिक संकट
- 5 श्वसन-प्रवेशी सूक्ष्म-प्लास्टिक एवं वायु प्रदूषण: उभरता स्वास्थ्य संकट
- 6 जैव-विविधता क्षरण और जलवायु परिवर्तन: प्रतिक्रिया चक्र की पड़ताल
- 7 जैव-उपचार: भारत की ठोस अपशिष्ट चुनौती का समाधान
- 8 भारत–ओमान CEPA: खाड़ी क्षेत्र में रणनीतिक पुनर्संयोजन
- 9 भारत का कॉरपोरेट बॉन्ड बाज़ार: संरचनात्मक बाधाएं एवं सुधार की दिशा
- 10 भारत में अग्नि-जनित आपदाएं: प्रणालीगत विफलताओं से सीख एवं सुधार की दिशा
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र : आवश्यकता एवं महत्व
- 2 भारतीय उद्यमिता क्षेत्र में महिलाएं : नीतियां, अवसर एवं चुनौतियां
- 3 भारत में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया : वैधानिक उपाय तथा संबंधित मुद्दे
- 4 महामारी नियंत्रण एवं बौद्धिक सम्पदा अधिकार : समन्वय की आवश्यकता एवं औचित्य
- 5 भारत-मॉरीशस : हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार
- 6 राजभाषा हिंदी तथा भारतीय संविधान

