जुलाई-सितंबर तिमाही में घटा भारत का चालू खाता घाटा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार वर्ष 2021 के जुलाई से सितंबर तक के तीन महीनों में भारत का चालू खाता घाटा 9.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद के 1.3% के बराबर हो गया है।
- इसके विपरीत अप्रैल-जून तिमाही में चालू खाता घाटा 6.6 बिलियन डॉलर के अधिशेष में था। वहीं एक साल पहले इसी तिमाही (अप्रैल-जून तिमाही) में यह 15.3 बिलियन डॉलर के अधिशेष में था।
कारण
वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में चालू खाता घाटा का प्रमुख कारण व्यापार घाटे में होने वाली वृद्धि है, जो पिछली तिमाही के 30.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लक्षद्वीप के मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र में निवेश हेतु निवेशक बैठक
- 2 BRO की 125 अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन
- 3 देश का पहला ‘वॉटर पॉजिटिव’ हवाई अड्डा
- 4 IMF की समीक्षा: राष्ट्रीय लेखा आंकड़ों में संरचनात्मक खामियां उजागर
- 5 विद्युत वितरण क्षेत्र में AI/ML प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर सम्मेलन
- 6 DBTL-पहल योजना
- 7 क्रेडिट कार्ड शिकायतों में तेज़ वृद्धि: RBI ओम्बुड्समैन रिपोर्ट
- 8 नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड को नवरत्न दर्जा
- 9 GDP के आधार वर्ष में संशोधन
- 10 UPI विश्व की सबसे बड़ी रियल टाइम भुगतान प्रणाली
- 1 ग्रामीण पर्यटन के विकास हेतु राष्ट्रीय रणनीति का ड्राफ्ट
- 2 भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं के लिए एमआईएस पोर्टल लॉन्च
- 3 एल्गो ट्रेडिंग पर नए मानदंडों की घोषणा
- 4 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
- 5 सेबी ने प्रमुख कृषि फ़सलों के वायदा कारोबार को निलंबित किया
- 6 सरकार ने नकारात्मक आयात सूची नीति में किया परिवर्तन
- 7 भारत की चीनी निर्यात सब्सिडी पर डब्ल्यूटीओ विवाद
- 8 बहुराज्य सहकारी समितियां अधिनियम 2002 में संशोधान का निर्णय

