सागरमाला कार्यक्रम के तहत कोस्टल इकोनॉमिक जोन का विकास
केंद्र सरकार द्वारा 21 दिसंबर को सागरमाला कार्यक्रम के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (National Perspective Plan - NPP) के तहत देश के पूर्वी एवं पश्चिमी समुद्रतटीय क्षेत्रों में 14 कोस्टल इकोनॉमिक जोन (Coastal Economic Zones - CEZ) बनाये जाने का प्रस्ताव किया गया। ये कोस्टल गहरे आकार वाले बंदरगाहों (deep-draft ports) के पास स्थित होंगे ताकि बहुत बड़े और भारी वहनीय जहाजों को समायोजित करने में सक्षम हो सकें।
विशेषताएं
- इस प्रक्रिया से क्षेत्र विशेष में ढांचागत विकास और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आयेगी। व्यापार अनुकूल तंत्र की प्राप्ति से एक तो व्यापार सुगमता (ease of doing business) की स्थिति बनेगी साथ ही ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लक्षद्वीप के मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र में निवेश हेतु निवेशक बैठक
- 2 BRO की 125 अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन
- 3 देश का पहला ‘वॉटर पॉजिटिव’ हवाई अड्डा
- 4 IMF की समीक्षा: राष्ट्रीय लेखा आंकड़ों में संरचनात्मक खामियां उजागर
- 5 विद्युत वितरण क्षेत्र में AI/ML प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर सम्मेलन
- 6 DBTL-पहल योजना
- 7 क्रेडिट कार्ड शिकायतों में तेज़ वृद्धि: RBI ओम्बुड्समैन रिपोर्ट
- 8 नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड को नवरत्न दर्जा
- 9 GDP के आधार वर्ष में संशोधन
- 10 UPI विश्व की सबसे बड़ी रियल टाइम भुगतान प्रणाली
- 1 भारत एक बंद या खुली अर्थव्यवस्था?
- 2 वैश्विक ऋण भार में बढ़ोत्तरी
- 3 मुक्त व्यापार समझौता बनाम भारत
- 4 संवहनीय समुद्री अर्थव्यवस्था सम्मलेन 2018
- 5 स्टेट्स स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018
- 6 धन प्रेषण में भारत शीर्ष पर
- 7 रिजर्व बैंक का आरक्षित अनुपात ऊंचा
- 8 कृषि निर्यात नीति, 2018
- 9 ISARC
- 10 प्याज किसानों हेतु निर्यात प्रोत्साहन दोगुना
- 11 विनिवेश से 78 करोड़ रुपए का एकत्रण

